माँ का आंचल

माँ का आंचल, सदा छांव सा लगे,

उसकी ममता में सारा जहाँ बसे।

जब भी दर्द ने दिल को छुआ,

माँ के स्पर्श ने हर ज़ख्म को भुला।


उसकी गोद में सुकून का बसेरा है,

उसकी बातों में प्यार का सवेरा है।

जैसे सागर की लहरें कभी थमती नहीं,

माँ की ममता भी कभी रुकती नहीं।


उसकी आंखों में बसे हैं सपने हमारे,

उसकी दुआओं में है दुनिया के सहारे।

हर मुश्किल को अपने दामन में समेट ले,

माँ तो वो है जो सृष्टि को जोड़ ले।


जब भी गिरा, उसने थामा मुझे,

अपने हाथों से हर राह दिखाया मुझे।

उसका हर त्याग, हर बलिदान कहे,

माँ का दिल सबसे बड़ा होता है।


माँ, तू है तो हर दिन रोशन है,

तेरी ममता से ये जीवन मधुर है।

तू है तो दुनिया में सब कुछ है,

माँ, तुझसे बढ़कर कोई नहीं।


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