नारी का सम्मान



नारी है शक्ति, नारी है पहचान,

उसके बिना अधूरी हर एक कहानी और जहान।

वो सृष्टि की जननी, वो प्रेम की मूरत,

हर रूप में अद्भुत, हर कदम पर पूज्य।


कभी बेटी, कभी माँ बनकर सजी,

कभी बहन, कभी संगिनी बनकर बसी।

उसके दिल में प्यार का गहरा सागर है,

उसके सपनों में छिपा उजाले का शहर है।


चूल्हे से लेकर अंतरिक्ष तक का सफर,

हर मंज़िल पर नारी ने पाया मुकम्मल असर।

उसकी हिम्मत, उसकी उड़ान देखो,

उसके अरमानों का आसमान देखो।


सहनशीलता उसकी पहचान है,

हर दर्द में भी मुस्कान है।

अपने अस्तित्व से दुनिया को रोशन किया,

हर दिल में उसने विश्वास का दीप जलाया।


आओ, इस नारी दिवस पर प्रण लें,

हर नारी का आदर और सम्मान करें।

उसके सपनों को पंख दें उड़ने के,

उसके जीवन को बनाएं खुशियों से भरने के।


नारी दिवस, बस एक दिन नहीं,

ये हर दिन का उत्सव है, यह सत्य यहीं।

नारी को समर्पित हर सांस हो,


उसका सम्मान, हमारा अभिमान हो।


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