बहन का प्यार

बहन वो रिश्ता, जो सबसे खास है,

उसके बिना अधूरी हर बात है।

मुस्कान में जिसकी स्नेह की मिठास है,

उसके साथ हर दिन एक उल्लास है।


वो बचपन के खेलों की साथी है,

हर राज़ की चुपचाप गवाह भी है।

डांट में भी उसकी चिंता छिपी रहती,

हर खुशी में उसकी हंसी बसती।


वो लड़ती भी है, तो प्यार जताने को,

हमेशा तैयार रहती है साथ निभाने को।

हर मुश्किल में वो ढाल बन जाती है,

हमारी दुनिया को खुशियों से सजाती है।


वो रक्षाबंधन का धागा है अनमोल,

जिसमें बंधा है स्नेह का अमूल्य गोल।

उसकी दुआओं में एक जादू सा होता,

जो हर अंधेरे को रोशन कर देता।


बहन, तू ही तो है वो दोस्त अनमोल,

तेरे बिना जिंदगी अधूरी सी लगे।

तेरे प्यार से जीवन महकता रहे,

बहन, तू सदा हमारी धड़कन बने।


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