प्रेम का एहसास
प्रेम वो भाषा, जो कहे बिना समझ आती है,
दिल से दिल की राहें बन जाती हैं।
न शब्दों की ज़रूरत, न कोई दास्तां,
बस नजरें ही लिख दें प्यार का फ़साना।
चाँद की चाँदनी में जो चमक दिखाई दे,
वो तेरे प्यार का अक्स समाई दे।
सूरज की गर्मी में जो राहत सी मिले,
तेरे आलिंगन का एहसास वही कहे।
प्यार वो दरिया है, जो कभी सूखता नहीं,
हर दुख, हर दर्द में ये बिछड़ता नहीं।
सुख-दुख की लहरों में जो बना रहे,
प्रेम का ये बंधन सदा बढ़ता रहे।
तेरे बिना ये जीवन अधूरा सा लगे,
जैसे बगिया में कोई फूल ना खिले।
तेरे साथ ही हर दिन नया सवेरा हो,
तेरे प्यार से ही ये मन बसेरा हो।
प्रेम का ये चमत्कार ही तो जीवन है,
जहाँ हर धड़कन तुझसे ही सम्बोधन है।
चलो, इस प्रेम के रंग में रंग जाएं,
जिंदगी को तेरे नाम से सजाएं।
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