दोस्ती का दीप
दोस्ती का दीप जलता रहे,
हर अंधेरी राह को रोशन करे।
यह वो रिश्ता है जो दिल से जुड़ा,
हर ग़म को हंसी में बदल दिया।
जैसे सागर की गहराई हो,
वैसी ही दोस्ती की सच्चाई हो।
ना कोई छल, ना कोई द्वेष,
सिर्फ भरोसे का प्यारा संदेश।
जिंदगी की नाव जब हिचकोले खाए,
दोस्त ही पतवार बन साथ निभाए।
सुख-दुख में संग खड़ा जो रहे,
सच्चा दोस्त वही कहलाए।
वो जो बिना कहे दिल की बात समझे,
हर मुश्किल में तुम्हारा हाथ थामे।
दोस्ती का ये बंधन बड़ा अनमोल है,
इससे खूबसूरत कोई और तोहफा नहीं है।
चले चाहे रास्ता कैसा भी कठिन,
साथी बने दोस्त, बने जीवन का गहना।
दोस्ती का दीप सदा जलता रहे,
हर मन को उजाले से भरता रहे।
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